डीयू ने कहा- एक बार में देंगे 50 फीसद छात्रों को प्रवेश, हर काॅॅलेज को में होंगे कोविड-19 टास्क फोर्स
डीयू ने साफ किया है कि कक्षाएं पूर्व की भांति ऑनलाइन ही चलेंगी। सिर्फ प्रायोगिक कार्यों के लिए अंतिम वर्ष विज्ञान वर्ग के छात्रों शोधार्थियों को 1 फरवरी से 31 मार्च के बीच प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) अंतिम वर्ष के छात्रों को प्रायोगिक कार्य के लिए 1 फरवरी से परिसर में प्रवेश की इजाजत देगा। डीयू ने इस संबंध में दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं। काॅलेजों को चरणबद्ध तरीके से एक समय में 50 फीसद छात्रों को ही प्रवेश देने की इजाजत दी गई है। डीयू ने साफ किया है कि कक्षाएं पूर्व की भांति ऑनलाइन ही चलेंगी। सिर्फ प्रायोगिक कार्यों के लिए अंतिम वर्ष विज्ञान वर्ग के छात्रों, शोधार्थियों को 1 फरवरी से 31 मार्च के बीच प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इस दौरान कोरोना संबंधी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। डीयू ने जरुरत पड़ने पर छात्रों के छोटे समूह को शिक्षकों से मिलने की मंजूरी दी है, हालांकि शिक्षक को पहले से बताना होगा। डीयू प्रशासन ने बताया कि प्रायोगिक कार्य के लिए काॅलेज आना छात्रों की इच्छा पर निर्भर करता है। किसी तरह का दबाव नहीं होगा।
काॅलेजों को करनी होगी तैयारी
-जनवरी महीने में काॅलेजों को छात्रों के प्रवेश को लेकर तैयारी शुरू करनी होगी।
-काॅलेज स्टाफ समेत शिक्षकों संग बैठक करनी होगी।
-कोविड-19 के मद्देनजर माक ड्रिल भी करनी होगी। इसकी जानकारी डीयू प्रशासन को देनी होगी।
--थ्योरी की कक्षाएं ऑनलाइन ही चलेंगी।
--प्रत्येक काॅलेज में कोविड टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।
-छात्रों को परिसर में प्रवेश की इजाजत का आखिरी व अंतिम निर्णय कालेजों को लेना होगा।
यूजीसी के इन दिशानिर्देशों का करना होगा पालन
-कोरोना लक्षण वाले किसी भी छात्र को परिसर में प्रवेश की इजाजत ना दी जाए।
-काॅलेजों में नियमित रुप से काउंसलर की व्यवस्था की जाए।
-आइसोलेशन के लिए कमरे की व्यवस्था।
-बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश नही होगा।
-फील्ड वर्क, स्टडी टूर की इजाजत नहीं होगी।
-कार्यक्रम आयोजन से बचने की सलाह दी गई है।
-काॅलेजों में जगह-जगह कोरोना से बचाव वाले नारे, पोस्टर व इमरजेंसी नंबर लिखने होंगे।